पहली रिलीज़ से आगे सोचें
ग्राहकों को उत्पाद समझ आना चाहिए, डेवलपर उसका रखरखाव कर सकें और योजना के अनुसार काम न होने पर भी उसे संभाला जा सके। डिज़ाइन का निर्णय ग्राहक सहायता पर भी असर डालता है। एकीकरण के साथ निर्भरता भी जुड़ती है। एक त्वरित रास्ता बार-बार आने वाला खर्च बन सकता है। अपने उत्पाद बनाने से ये संबंध हमारी नज़र में बने रहते हैं।
संचालन मॉडल को दायरे में शामिल करें
एक उपयोगी कार्ययोजना केवल स्क्रीन और सुविधाएँ नहीं बताती। वह स्पष्ट करती है कि कौन क्या कर सकता है, किन सिस्टमों में डेटा साझा होगा, काम की जाँच कैसे होगी और टीम को संचालन के लिए क्या चाहिए। पहला संस्करण सीमित हो, तब भी ये सवाल शुरुआत में ही पूछने चाहिए।
काम करने वाले एक हिस्से से सीखें
एक निश्चित दायरे वाला पूरा कार्यप्रवाह, अक्सर कई अलग-अलग सुविधाओं से अधिक उपयोगी होता है। इससे टीम वास्तविक अनुभव के आधार पर अपनी धारणाएँ परख सकती है, संबंधित डेटा की समीक्षा कर सकती है और अगला चरण समझ सकती है। लक्ष्य ऐसी प्रगति करना है जिसे परखा जा सके, केवल गिना नहीं।
जिम्मेदारी का हस्तांतरण उपयोगी रखें
स्पष्ट दस्तावेज़, विकल्पों के लाभ-हानि और समझ आने वाला कोड अगला निर्णय आसान बनाते हैं। अपने उत्पादों की जिम्मेदारी का यही नज़रिया हम ग्राहकों के काम में लाते हैं: सॉफ़्टवेयर इस्तेमाल करने वालों और बाद में उसे संभालने वालों, दोनों के लिए बनाना।